“It is by my Cross that I can climb into the heart of humanity”

As we marked the completion of seventy years of the Indian nation, we forgot that this was also the 70th year of the last birthday of Gandhi who was called Bapu by his people. Gandhi was to enter his 79th  year on the 2 October of 1947. He had earlier expressed his desire to live for 125 years.  Was he being boastful if we keep in mind the fact that in his times an average Indian male could expect to live only for 32 years? Continue reading

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कांचा इल्लैया के बहाने समाज में सहनशीलता का अभ्यास

कांचा इल्लैया ने बहुत दुःख और गुस्से से पूछा है कि क्या उनपर हो रहे हमलों पर चुप्पी इसलिए है कि वे उच्च वर्ण के नहीं! .( http://indianexpress.com/article/india/if-govt-cant-protect-me-other-intellectuals-not-safe-in-country-kancha-ilaiah-shepherd/)उनका क्षोभ स्वाभाविक है. पिछले दिनों उनकी एक पुरानी किताब के एक अंश के तेलुगू अनुवाद के प्रकाशन के बाद उनपर आर्य वैश्य समुदाय के लोगों की ओर से हमला हो रहा है. एक वीडियो में भगवा अंगवस्त्र डाले कुछ लोग उनकी तस्वीर पर पेशाब करने के लिए बच्चों को उत्साहित करते दीख रहे हैं. एक दूसरा वीडियो कुछ औरतों का है जो गा रही हैं कि काँचा तुझे दिमाग नहीं. राज्य सभा के सांसद और तेलुगू देशम पार्टी के सदस्य टी जी वेंकटेश ने खुलेआम काँचा इलैया का सर कलम करने का आह्वान किया. इसके बाद उनकी कार को घेर कर उनपर हमला किया गया.                                      (http://www.milligazette.com/news/15878-death-fatwa-to-kill-kancha-ilaiah-by-tdp-mp-t-g-venkatesh).

यह कोई अतिशयोक्ति न होगी अगर कहें कि प्रोफ़ेसर काँचा इलैया की जान को खतरा है और इसी वजह से यह राज्य का और समाज का कर्तव्य है कि वह उनकी हिफाजत में जो भी कर सकता है करे. Continue reading

दुर्गा-महिषासुर : मिथकीय कथा, उसकी परतें और प्रतिकथा

रावण का पुतला जलाने का आयोजन करनेवाला मोहल्ले का एक लड़का चंदा लेने आया. पहले हम दे देते रहे हैं हालाँकि खुद कभी ऐसे आयोजनों में शामिल नहीं हुए. इस बार मैंने उससे कहा, “रावण को अपना माननेवाले भारत में ही मौजूद हैं. उन्हें रावण का पुतला जलाना शायद बुरा लगे!” लड़के ने बात समझी, चंदे के लिए जिद नहीं की. मुझसे यह ज़रूर कहा कि यह सब संविधान में तो कहीं नहीं लिखा. मैंने कहा कि हम सब अलग-अलग ढंग से रहते हैं, अलग-अलग देवी –देवता को मानते हैं. एक दूसरे के साथ कैसे रहें कि किसी को चोट न पहुंचे, यह तो हमीं तय करेंगे. वह सहमत था. Continue reading

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव के नतीजे

अभी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव के नतीजे सामने आए हैं. कांग्रेस पार्टी की छात्र शाखा एन एस यू आई ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर परास्त कर दिया.कांग्रेसी नेताओं ने फौरन इसका श्रेय दूर बर्कले में दिए गए राहुल गाँधी के भाषण को दे डाला. उनका कहना था कि राहुल के भाषण से प्रभावित छात्रों ने एन एस यू आई के पक्ष में मतदान दिया.यह बात इतनी हास्यास्पद थी कि यह मानना कठिन था कि जिसने भी यह कहा है,वह खुद इस पर विश्वास करता होगा.राहुल गाँधी का वक्तव्य अवश्य ही प्रभावशाली और गंभीर था.लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव में राजनीतिक बहस आज तक होते देखी नहीं गई. Continue reading