रोहिंग्या मुसलमानों पर हिंसा

14/09/2017 को प्रकाशित

14/09/2017 को प्रकाशित

Advertisements

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव के नतीजे

अभी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव के नतीजे सामने आए हैं. कांग्रेस पार्टी की छात्र शाखा एन एस यू आई ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर परास्त कर दिया.कांग्रेसी नेताओं ने फौरन इसका श्रेय दूर बर्कले में दिए गए राहुल गाँधी के भाषण को दे डाला. उनका कहना था कि राहुल के भाषण से प्रभावित छात्रों ने एन एस यू आई के पक्ष में मतदान दिया.यह बात इतनी हास्यास्पद थी कि यह मानना कठिन था कि जिसने भी यह कहा है,वह खुद इस पर विश्वास करता होगा.राहुल गाँधी का वक्तव्य अवश्य ही प्रभावशाली और गंभीर था.लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव में राजनीतिक बहस आज तक होते देखी नहीं गई. Continue reading

जुमला जयंती पर आनंदित, पुलकित वैशाखनंदन : हिंदी का एक साफ़ सुथरा वाक्य

मृणाल पाण्डेय ने हिंदी का एक साफ़ सुथरा वाक्य क्या लिख दिया, कोहराम मच गया.जिस वाक्य को लेकर हंगामा बरपा है,वह है : “जुमला जयंती पर आनंदित, पुलकित वैशाखनंदन.” वाक्य में व्यंग्य अवश्य है,तिक्तता या घृणा कतई नहीं है.व्यंग्य भी किंचित स्मित के साथ है. कुटिलभ्रूयुक्त मुख से विष की तरह जो व्यंग्य निकलता है, ऐसा कुछ नहीं है. Continue reading

Politics of disruption wrecked its DU chances

The defeat of the ABVP, the student wing of the RSS,  on two major posts in the Delhi University Students’ Union election and its unsuccessful attempt in the Jawaharlal Nehru University is being interpreted as a strong message to the governing party, the BJP, which is the political wing of the RSS. Actually, the BJP and the ABVP are siblings of sorts, being the offspring of the same parent body, the RSS. Continue reading

मुक्तिबोध स्मरण : उदात्तता, न्यायबोध और बौद्धिकता

जब आप महान को याद भी न कर सकें या उसका अवकाश ही आपके पास न रह जाए तो मान लेना चाहिए कि समय क्षुद्रता से आक्रांत हो चुका है.यही पिछले हफ्ते हुआ जब मुक्तिबोध की पुण्यतिथि गुजर गई और हम उनपर कायदे से बात भी न कर सके.लेकिन यह हफ्ता बेचैनी का था. मुक्तिबोध लेकिन शायद हमें माफ़ कर देते क्योंकि हमारा मन उनकी ही उज्ज्वल परंपरा की एक संवाहिका गौरी लंकेश के हत्या से क्षुब्ध,आलोड़ित था. Continue reading