धृतराष्ट्र आलिंगन

16/08/2017 को प्रकाशित
प्रधानमंत्री का भाषण, गोरखपुर में बच्चों की मौत और त्रिपुरा मुख्यमंत्री के भाषण को आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा प्रसारित न करने पर

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वतनपरस्ती का सबूत

“मैं अपने बच्चे के स्कूल से बहुत खुश हूँ कि उसने उसे नटखट नन्दलाला का चरित्र खेलने दिया.”यह ट्वीट मीडिया के लिए एक खबर था.उस बच्चे की तस्वीर के साथ जो नन्हा-सा है और जिसने बाँसुरी अपने मुँह में दबा रखी है.

यह ट्वीट क्यों खबर है?क्योंकि यह जिस शख्स की है उसका नाम है नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और तस्वीर उनके बेटे की है. जिस अखबार की इंच इंच के लिए मारा मारी होती है, उसे यह खबर इसलिए लगी कि यह उसी नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का बेटा है जिसे उसी के कस्बे में राम लीला में भाग नहीं लेने दिया गया था. Continue reading

मुसलमानों के साथ हो रही हिंसा पर बोलने के लिए मुसलमान होना ज़रूरी नहीं

जब भारत में मुसलमान कहेंगे कि वे सुरक्षित अनुभव कर रहे हैं तब ही माना जाएगा कि वे सुरक्षित हैं.

(फोटो: पीटीआई)

उपराष्ट्रपति के रूप में हामिद अंसारी के आखिरी दिन सरकार की तरफ से जो बयान दिए गए उन पर ध्यान देने की जरूरत है. क्योंकि उन बयानों को देखने से ये पता चलता है कि भारतीय राजनीति और खासकर शासक दल की राजनीति असभ्यता की कितनी सीमाएं पार कर गई हैं, न सिर्फ असभ्यता की बल्कि क्रूरता की. Continue reading