क्रिसमस का उपहार (Xmas gift by Allen Ginsberg)

मैं आइंस्टाइन से सपने में मिला
प्रिंस्टन के मैदान की घास पर वसंत
मैं घुटने पर झुका और मैंने उनके युवा अँगूठे को चूमा
अरुणाभ पोप की तरह
उनका चेहरा तरोताज़ा चौड़ा गुलाबी गालोंवाला
“मैंने एक अलग ब्रह्मांड की खोज की
कुछ-कुछ क्वाँरी स्त्री-सा”
“हाँ, वह जीव खुद को जन्म देता है”
मैंने मस्केलिन को उद्धृत किया
हम खुली हवा सर्वव्याप्त गर्मी में बैठे
दोपहर का खाना खाने को, प्रोफेसरों की बीवियाँ
टेनिस कोर्ट क्लब में,
हमारी मुलाकात शाश्वत, प्रत्याशित
उनकी मुट्ठी को चूमने की मेरी मुद्रा
अप्रत्याशित रूप से संतमुद्रा
अगर ध्यान दें उस एटम बम पर जिसका ज़िक्र मैंने नहीं किया
– न्यूयार्क, 24 दिसंबर, 1972

अमेरिकी कवि – एलेन गिंसबर्ग (3.6.1926 – 5. 4. 1997)
संकलन – एलेन गिंसबर्ग : कलेक्टेड पोएम्स 1947-1980
प्रकाशक – हार्पर एंड रो, पब्लिशर्स, न्यूयार्क
अंग्रेज़ी से हिंदी अनुवाद – मार्च, 2014

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